
बुधवार को अमेरिकी डॉलर ने ज्यादातर कमजोर Consumer Price Index (CPI) आंकड़ों के बावजूद अपनी साप्ताहिक बढ़त बनाए रखी। Core CPI के थोड़े सकारात्मक आंकड़ों और जारी भू-राजनीतिक चिंताओं से इसे समर्थन मिला। हालांकि, गुरुवार के Producer Price Index (PPI), European Central Bank (ECB) के ब्याज दर संबंधी फैसले और शुक्रवार को जारी होने वाले उपभोक्ता-केंद्रित आंकड़ों से पहले बनी सतर्कता डॉलर पर दबाव डाल रही है। एशिया में आर्थिक कैलेंडर हल्का होने के कारण, सप्ताह के अंत के प्रदर्शन की तैयारी के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) को एक सप्ताह के उच्च स्तर पर लगातार चार दिन की तेजी बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
EURUSD जोड़ी ने पांच दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज की और एक महीने के निचले स्तर से उबरी। यह उछाल ऐसे समय आया है जब ट्रेडर यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के आगामी ब्याज दर फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। यूरोज़ोन से मिले शुरुआती संकेतों के अनुसार, ब्याज दर में 0.25% की कटौती हो सकती है, लेकिन बाज़ार के कुछ प्रतिभागी 0.50% की बड़ी कटौती की संभावना जता रहे हैं। इस अनिश्चितता से यूरो जोड़ी में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, मिशिगन विश्वविद्यालय का उपभोक्ता भावना सूचकांक, सितंबर के महंगाई अनुमान, अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक और साप्ताहिक बेरोज़गारी दावों जैसे अहम आर्थिक संकेतकों पर ट्रेडरों को नज़र रखनी होगी।
ब्रिटेन में आर्थिक गतिविधि, विकास और रोज़गार से जुड़े निराशाजनक आंकड़े, साथ ही अगस्त 2022 के बाद से वेतन समझौतों में सबसे कम बढ़ोतरी, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) की ओर से ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं। इससे GBPUSD पर नीचे की ओर दबाव बना हुआ है और यह तीन हफ़्तों के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है।
BoJ नीति-निर्माता नाओकी तमुरा के सख़्त रुख वाले ब्याज दर के नज़रिए से USDJPY की दो दिन की गिरावट जारी रहने की उम्मीद थी। इसके बावजूद, येन पेयर में तीन दिनों में पहली बार रोज़ाना बढ़त दर्ज हुई। दिसंबर 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर से आई इस रिकवरी को जापान के कमज़ोर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और BoJ की जुन्को नाकागावा की पिछली टिप्पणियों से समर्थन मिला। इन टिप्पणियों ने लगातार ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना पर सवाल उठाए थे।
ऑस्ट्रेलिया में महंगाई की उम्मीदें धीरे-धीरे घट रही हैं, लेकिन वे रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के लक्ष्य स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। इससे AUDUSD लगातार दूसरे दिन मज़बूत बना हुआ है। इसी तरह, अगस्त में न्यूज़ीलैंड (NZ) की रिटेल सेल्स में सुधार के बाद NZDUSD ने मज़बूत अमेरिकी डॉलर को नज़रअंदाज़ करते हुए तीन हफ़्तों के निचले स्तर से रिकवरी की। वहीं, USDCAD ने पिछले दिन तीन हफ़्तों के उच्च स्तर से आए पलटाव को बरकरार रखा। इस दौरान, कनाडा के सबसे बड़े एक्सपोर्ट क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकवरी और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी के बावजूद, लूनी पेयर पर दबाव बना हुआ है।
आर्थिक मंदी की बाज़ार संबंधी आशंकाएँ कम होने और अमेरिका के साप्ताहिक तेल भंडार में अपेक्षा से कम बढ़ोतरी दर्ज होने से क्रूड ऑयल 16 महीने के निचले स्तर से अपनी रिकवरी को बनाए हुए है। इसके अलावा, चीन के प्रोत्साहन उपायों पर चर्चा और OPEC के उत्पादन में बढ़ोतरी को लेकर मिली-जुली चिंताओं से भी ऊर्जा की कीमतों को रिकवर करने में मदद मिल रही है, जिससे USDCAD की कीमतों पर नीचे की ओर दबाव पड़ रहा है। ध्यान देने वाली बात है कि रूस की पश्चिमी देशों को निर्यात पर रोक लगाने की ताज़ा चेतावनी ने भी बाज़ार के रुख को प्रभावित किया है और क्रूड ऑयल, अमेरिकी डॉलर तथा सोने की कीमतों को बढ़ने में मदद दी है।
सोने की कीमतों को एक अहम रेज़िस्टेंस लेवल का सामना करना पड़ रहा है और खरीदार इसे पार करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि बाज़ार का रुख मिला-जुला बना हुआ है। यह अहम बाधा तय कर सकती है कि सोने की तेज़ी जारी रहेगी या कीमतों में गिरावट आएगी। बाज़ार का मिला-जुला रुख कई कारकों का नतीजा है, जिनमें भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ, आर्थिक आंकड़ों में बदलाव और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। ये सभी कारक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इसे लेकर सतर्क नज़रिए की वजह बन रहे हैं। ट्रेडर इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि सोना इस रेज़िस्टेंस लेवल पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। वे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नज़र रखेंगे, जो सोने की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिकी महंगाई डेटा जारी होने के बाद बाज़ार में आशावाद और सकारात्मक ऑन-चेन डेटा के बीच BTCUSD (बिटकॉइन) और ETHUSD (एथेरियम) पिछली गिरावट के बाद स्थिर हो रहे हैं।



आगे, इस सप्ताह के बाकी समय में बुधवार को होने वाला ECB का ब्याज दर निर्णय अहम घटना होगी, क्योंकि इसके नतीजे को लेकर स्पष्टता नहीं है। गुरुवार को अमेरिका का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और शुक्रवार को यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन का कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स का शुरुआती अनुमान भी अहम होगा, जिसमें सितंबर के लिए महँगाई की उम्मीदें शामिल हैं। स्पष्ट दिशा के संकेत पाने के लिए गुरुवार के अमेरिका के साप्ताहिक बेरोज़गारी दावों और चीन, रूस तथा मध्य पूर्व से जुड़ी भू-राजनीतिक ख़बरों पर भी नज़र रखनी चाहिए।
ECB द्वारा ब्याज दर में 0.25% की कटौती की संभावना बढ़ रही है। बाज़ार के अनुमान के मुताबिक़ फ़ैसला आने पर भी EURUSD में गिरावट की उम्मीद रखने वालों के लिए शायद कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अगर ECB का बयान और अध्यक्ष Lagarde की टिप्पणियाँ सख़्त रुख वाली रहीं, तो इससे यूरो जोड़ी को हालिया रिकवरी आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसी तरह, U.S. के मिले-जुले आँकड़ों की व्यापक रूप से उम्मीद है, इसलिए जब तक वे सकारात्मक सरप्राइज़ न दें, उनसे डॉलर में तेज़ी की उम्मीद रखने वालों को शायद मदद न मिले। अगले हफ़्ते होने वाली FOMC बैठक से पहले बाज़ार में सतर्कता का माहौल इन कारकों पर प्रतिक्रिया को सीमित कर सकता है, लेकिन आगे भी साप्ताहिक चालों को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!