
बाज़ार का माहौल कुल मिलाकर निराशाजनक बना हुआ है और हाल के दिनों में सुस्त रहा है। ट्रेडर अमेरिका और चीन के हालिया डेटा का फिर से आकलन कर रहे हैं और इज़राइल-हमास युद्ध से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं से भी संकेत ले रहे हैं।
हालांकि, अनिश्चित बाज़ारों में सोने और बॉन्ड यील्ड में बढ़त होती है, खासकर जब चीन से आने वाला डेटा उम्मीद जगाता है। वहीं, अमेरिकी डॉलर लगातार तीसरे दिन दबाव में बना हुआ है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर के साथ कच्चे तेल को भी मज़बूती बनाए रखने में मदद मिली है।
ध्यान देने वाली बात है कि सोने की कीमत महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई और कच्चे तेल की कीमत दो हफ़्तों के उच्चतम स्तर तक उछल गई। इसके अलावा, AUDUSD में G10 करेंसी पेयर्स के बीच सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज हुई। RBA गवर्नर बुलॉक की सख़्त रुख वाली टिप्पणियों के साथ चीन से आए मज़बूत डेटा ने इसे सहारा दिया। GBPUSD में भी मामूली बढ़त दर्ज हुई, हालांकि UK की महंगाई दर नरम रही। वहीं, मज़बूत यील्ड और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के बीच USDJPY की दिशा स्पष्ट नहीं है।
इस बीच, Spot Bitcoin ETF को मंज़ूरी मिलने की उम्मीद के बीच BTCUSD और ETHUSD में मामूली बढ़त दर्ज हुई।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



US Dollar Index (DXY) में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज हुई और प्रेस समय तक यह 106.00 तक फिसल गया। इस दौरान, मजबूत यील्ड और ज़्यादातर सकारात्मक डेटा के बावजूद डॉलर ने पिछले हफ्ते की बढ़त गंवा दी। साथ ही, चीन के सकारात्मक आंकड़ों का दबाव भी बना रहा।
मंगलवार को सितंबर में अमेरिका की रिटेल सेल्स महीने-दर-महीने 0.7% बढ़ी, जबकि 0.3% बढ़ने का अनुमान था और पिछला आंकड़ा (संशोधित) 0.8% था। ऑटो को छोड़कर रिटेल सेल्स, जिसे कोर रिटेल सेल्स भी कहा जाता है, 0.6% बढ़ी। इसके मुकाबले, पिछला आंकड़ा (संशोधित) 0.9% था और बाजार का अनुमान 0.2% था। इसके अलावा, सितंबर में अमेरिका का औद्योगिक उत्पादन 0.3% बढ़ा, जबकि इसका अनुमान और पिछला आंकड़ा 0.0% था। वहीं, अगस्त में बिज़नेस इन्वेंटरी 0.4% बढ़ी, जबकि 0.3% बढ़ने का अनुमान था और पिछला आंकड़ा 0.1% था।
चीन के आंकड़ों की बात करें तो, चीन का तीसरी तिमाही (Q3) का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तिमाही-दर-तिमाही 1.3% और साल-दर-साल 4.9% बढ़ा। बाजार का अनुमान क्रमशः 1.0% और 4.4% था। हालांकि, पिछली रीडिंग की तुलना में तस्वीर मिली-जुली रही: तिमाही-दर-तिमाही 0.8% और साल-दर-साल 6.3%। इसके अलावा, सितंबर में चीन का औद्योगिक उत्पादन साल-दर-साल 4.5% रहा, जबकि 4.3% की उम्मीद थी। रिटेल सेल्स की वृद्धि पिछली रीडिंग के 4.6% और बाजार के 4.9% अनुमान से बढ़कर साल-दर-साल 5.5% हो गई। इन आंकड़ों के अलावा, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शी जिनपिंग की उन टिप्पणियों से भी अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ा, जिनमें उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विदेशी निवेश की पहुंच पर लगी पाबंदियां हटाने का संकेत दिया।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चीन के लिए 2023 और 2024 के विकास पूर्वानुमानों को घटाकर क्रमशः 5.0% और 4.2% कर दिया, जबकि पहले ये 5.2% और 4.5% थे। उसने कहा कि चीन की रिकवरी की रफ़्तार धीमी पड़ रही है और इसके लिए प्रॉपर्टी सेक्टर की कमज़ोरी को ज़िम्मेदार बताया। इससे अमेरिकी डॉलर के मंदड़ियों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए था। इसी तरह की टिप्पणी मिनियापोलिस के फ़ेडरल रिज़र्व बैंक के अध्यक्ष नील काशकारी ने भी की। उन्होंने अपनी जानी-पहचानी बात दोहराते हुए कहा कि महंगाई अभी भी बहुत ज़्यादा है।
इसके अलावा, नागरिक अशांति की आशंका का हवाला देते हुए अमेरिकी कांग्रेस ने बुधवार के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की और पुलिस की तैनाती बढ़ा दी। इससे उन चिंताओं में इज़ाफ़ा हुआ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन इज़राइल दौरे के दौरान पीड़ितों और हमास हमले में बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों से मिलते हुए कड़े सवाल पूछेंगे, जिससे मंदड़ियों की परीक्षा होगी।
बुधवार को अमेरिकी हाउसिंग आंकड़े और फेड की चर्चाएं मोमेंटम ट्रेडर्स का ध्यान खींचेंगी। हालांकि, इज़राइल और चीन से जुड़ी खबरों पर खास नज़र रहेगी, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन इज़राइल का दौरा कर रहे हैं और रूस के पुतिन चीन में हैं। दोनों नेताओं की टिप्पणियां बाजार की इंट्राडे दिशा तय करने में मदद कर सकती हैं। अगर अमेरिकी आंकड़े और फेड की चर्चाएं सकारात्मक रहें, तो इससे अमेरिकी डॉलर में उछाल आ सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!