
आर्थिक रिकवरी की उम्मीदों पर ऊंची ब्याज दरों के असर को लेकर चिंताएं, चीन में आशावाद के विपरीत रहीं और गुरुवार को एशियाई ट्रेडिंग सत्र में मिला-जुला रुख बना। हल्का आर्थिक कैलेंडर भी बाज़ारों को अस्थिर बनाए रख रहा है।
RBA और BoC की अप्रत्याशित ब्याज दर बढ़ोतरी के साथ OECD के वैश्विक विकास पथ के अनुमानों ने गुरुवार को काफी ध्यान खींचा और बाजार को मिली-जुली दिशा दी। इन कदमों से Treasury बॉन्ड यील्ड बढ़ीं, लेकिन Fed को लेकर मिली-जुली चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर को मजबूती नहीं मिली।
इस बीच, अनिश्चितता के माहौल में ट्रेडर्स के सोने और येन की ओर रुख करने से सोने की कीमत लगातार दो दिनों तक गिरने के बाद गुरुवार की शुरुआत में संभल गई।
मिश्रित माहौल के बावजूद, कमोडिटीज़ और एंटिपोडियन करेंसीज़ अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से लाभ उठा रही हैं। वहीं, ECB, BoE और BoJ को लेकर सख्त रुख की चिंताओं के चलते EURUSD, GBPUSD और USDJPY को क्रमशः समर्थन मिला। ध्यान देने वाली बात है कि जापान के GDP के बेहतर संशोधित आँकड़ों से JPY को और मज़बूती मिली है।
तेल की कीमत में भी सुधार हुआ है, लेकिन कम सप्लाई की आशंकाओं के बीच इसकी दिशा स्पष्ट नहीं है। वहीं, क्रिप्टोकरेंसी भी इसी रुझान पर चल रही हैं, क्योंकि इंडस्ट्री के प्रतिभागी निचले स्तरों पर खरीदारी करते दिख रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



ट्रेडरों के बीच स्पष्टता की कमी और बड़े डेटा/घटनाओं का अभाव, दोनों ही मोमेंटम ट्रेडरों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। फिर भी, आक्रामक केंद्रीय बैंक नीतियों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में हालिया तेज़ी कमज़ोर पड़ सकती है। इससे बाज़ार की धारणा पर दबाव पड़ता दिख रहा है और सोने तथा JPY जैसी पारंपरिक सुरक्षित पनाहगाहों को मज़बूती मिल रही है। ध्यान देने वाली बात है कि डोविश Fed की आशंकाओं के बीच अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी से कमोडिटी को दोहरा फ़ायदा हुआ। वहीं, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और चीन से मिले मिले-जुले डेटा को नज़रअंदाज़ करते हुए ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहे हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों में मिला-जुला कारोबार रहा और उन्होंने वॉल स्ट्रीट से संकेत लिए, जबकि शुरुआती घंटों में यूरोपीय और ब्रिटिश शेयर नीचे रहे।
वहीं, ट्रेडरों के शॉर्ट कवरिंग करने से क्रिप्टो में हालिया गिरावट के बाद मामूली बढ़त के साथ स्थिरता आ रही है।
साप्ताहिक अमेरिकी रोज़गार आंकड़ों, संशोधित EU GDP और BoC के कनिष्ठ अधिकारियों की टिप्पणियों के अलावा, आर्थिक कैलेंडर में कोई बड़ी जानकारी नहीं है। इसलिए, दिशा समझने के लिए जोखिम से जुड़े कारकों पर नज़र रखना अहम है। इससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हालिया रुझान जारी रहने के संकेत मिलते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!