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हर दिन 50 पिप्स: फ़ॉरेक्स डे ट्रेडिंग रणनीति

रोज़ाना 50 पिप्स की फ़ॉरेक्स रणनीति कुछ प्रमुख करेंसी पेयर्स में ट्रेड करने के लिए बनाई गई थी। ट्रेडर इस तकनीक का इस्तेमाल ट्रेडिंग इंस्ट्रूमेंट में बाज़ार की शुरुआती चाल पहचानने के लिए करते हैं। आम तौर पर, यह रणनीति EUR/USD या GBP/USD पर लागू होती है। हालाँकि, आप इसे दूसरे ट्रेड किए जाने वाले एसेट्स के साथ जोड़ने के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

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शुरुआती ट्रेडर्स के लिए इसका मुख्य फ़ायदा यह है कि फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग की 50 पिप्स रणनीति में गहराई से रिसर्च या बाज़ार के विश्लेषण की ज़रूरत नहीं होती। इसे अपनाना बहुत आसान है। फिर भी, आपको यह समझना होगा कि अलग-अलग इंडिकेटर्स कैसे काम करते हैं और विभिन्न ट्रेडिंग चार्ट या पैटर्न को कैसे पढ़ा जाता है।

रोज़ाना 50 पिप्स की फ़ॉरेक्स रणनीति के साथ शुरुआत

रोज़ाना 50 पिप्स की ट्रेडिंग रणनीति तैयार करने से पहले आपको यह जानना ज़रूरी है कि इसे डे ट्रेडर्स के लिए बनाया गया था। अगर आप स्विंग ट्रेडर हैं, तो कम समय-सीमा वाले चार्ट के बजाय लंबी अवधि में बाज़ार की चाल को साफ़ तौर पर समझने के लिए ऑसिलेटर्स और दूसरे इंडिकेटर्स के साथ गहराई से टेक्निकल एनालिसिस करना बेहतर होगा।ऑसिलेटर्स और दूसरे इंडिकेटर्स।

जैसा कि पहले बताया गया है, इस रणनीति को इस्तेमाल करने के लिए शुरुआती ट्रेडर्स को जटिल इंडिकेटर्स या प्राइस पैटर्न की ज़रूरत नहीं होगी। दूसरी ओर, बुनियादी जोखिम-प्रबंधन टूल्स काम आएँगे। हम इनके बारे में आगे थोड़ी और चर्चा करेंगे। प्रमुख करेंसी पेयर्स में ट्रेड करने की बात करें, तो शुरुआत करने के लिए ये कदम अपनाएँ:

  1. डेली चार्ट खोलें।
  2. ऐसा करेंसी पेयर चुनें जिसका डेली रेंज अच्छा हो।
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3. चुने हुए करेंसी पेयर के डेली रेंज का 1/3-1/2 हिस्सा हासिल करने का लक्ष्य रखें।

50 पिप्स की रणनीति सेट अप करना

आपका काम आसान करने और समय बचाने के लिए, हम उन सभी ज़रूरी चीज़ों की जानकारी देंगे जिन्हें आपको अपनी ट्रेडिंग रणनीति सेट अप करने के लिए कॉन्फ़िगर करना होगा। इस रणनीति के लिए, 1-घंटे के फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग चार्ट पर बनी सुबह 7 बजे GMT की कैंडलस्टिक इस्तेमाल करें। अपनी लोकेशन के अनुसार सही टाइम ज़ोन चुनना न भूलें।

कुछ अतिरिक्त टूल्स की आपको ज़रूरत हो भी सकती है और नहीं भी:

  • फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग की 50 पिप्स रणनीति में फ़ॉरेक्स इंडिकेटर्स की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि यह मुख्य रूप से प्राइस एक्शन तकनीकों पर आधारित है। इनका इंडिकेटर्स से कोई संबंध नहीं है।
  • आम तौर पर, इसके लिए 1-घंटे का चार्ट इस्तेमाल किया जाता है। हालाँकि, आप अपनी लोकेशन और टाइम ज़ोन के अनुसार दूसरे चार्ट भी चुन सकते हैं।
  • यह रणनीति मुख्य रूप से GBP/USD या EUR/USD जैसे प्रमुख करेंसी पेयर्स के लिए काम करती है। शुरुआत के लिए ये सबसे अच्छे पेयर्स हैं। बाद में, आप दूसरे पेयर्स के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं।

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रोज़ाना 50 पिप्स की रणनीति इस्तेमाल करने के ज़रूरी नियम

अब जब हमारे पास रोज़ाना 50 पिप्स की फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग रणनीति के लिए ज़रूरी सब कुछ है, तो हम ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं। इस रणनीति का अधिकतम लाभ उठाने के लिए, ट्रेडर्स को चुनी हुई तकनीक से जुड़े कुछ ज़रूरी नियम ध्यान में रखने चाहिए। इनमें से कुछ सबसे अहम नियम हैं:

  1. 7 a.m. GMT की कैंडल बंद होने का इंतज़ार करें। इसके तुरंत बाद, हाई से 2 पिप ऊपर बाय स्टॉप ऑर्डर और लो से 2 पिप नीचे सेल स्टॉप ऑर्डर लगाएँ।
  2. कीमत हाई या लो की ओर बढ़ेगी और पेंडिंग ऑर्डर में से एक सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद, आप दूसरा ऑर्डर रद्द कर सकते हैं।
  3. जोखिम को मैनेज करने के लिए, स्टॉप लॉस ऑर्डर का इस्तेमाल करें। इसे कैंडल के हाई या लो से 5 से 10 पिप की दूरी पर रखें। कैंडल की लंबाई के आधार पर ट्रेडर स्टॉप लॉस की दूरी बढ़ा या घटा सकते हैं।
  4. प्रॉफ़िट टार्गेट 50 पिप पर सेट करें।
  5. अगले दिन यही प्रक्रिया दोहराएँ।

अगर आपके ट्रेड लगातार मुनाफ़ा दे रहे हैं, तो आप हर दिन इस रणनीति का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, अगर नतीजों में उतार-चढ़ाव हो रहा है, तो दिन के आखिर तक ट्रेड से बाहर निकल जाएँ।

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में जोखिम प्रबंधन: रोज़ाना 50 पिप

यह रणनीति उतनी लचीली नहीं है, जितना कुछ लोग सोच सकते हैं। इसे मूल रूप से डे ट्रेडिंग के लिए बनाया गया था। इसलिए, स्विंग ट्रेडर्स को इस पुरानी रणनीति से शायद ही कोई फ़ायदा हो। इसके बजाय, उन्हें टेक्निकल इंडिकेटर और एनालिसिस का इस्तेमाल करना चाहिए। संभावित जोखिम कम करने के लिए स्टॉप लॉस ऑर्डर का इस्तेमाल करना निश्चित रूप से अच्छा विचार है।

इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।